Wednesday, April 22, 2020
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क्या कहा ? वो , सुधर गया होगा! हाँ । गिरा था शायद, सम्भल गया होगा । कहाँ है आजकल , दिखता नहीं कहीं, डरता तो नहीं प्रकाश , मर ग...
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गज़ल आ तुझे पा लूँ , और फिर से तुझे खोऊँ मैं, तू भी जागे मेरी याद में, तुझे भूल कर के सोऊँ मैं। तू हो मेरे रुबरू, न शिकयतें न गुफ्तगू ...
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हमें इश्क़ है तुमसे ये मसला हमारा है, तुम्हें बुलाने को इश्क़ की दुहाई क्यूँ देते। तुम्हें करनी चाहिए थी मुझे समझने की कोशिश, हम गलत नह...
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क्या कहा ? वो , सुधर गया होगा! हाँ । गिरा था शायद, सम्भल गया होगा । कहाँ है आजकल , दिखता नहीं कहीं, डरता तो नहीं प्रकाश , मर ग...
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